जब शरीर का कोई अंग साथ छोड़ देता है, तब जीवन की रफ्तार को बनाए रखने के लिए आर्थिक सहारा सबसे ज़रूरी हो जाता है। इसी ज़रूरत को समझते हुए हरियाणा सरकार हरियाणा विकलांगता पेंशन योजना चलाती है। अब तक 2 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को इसका लाभ मिल रहा है। फरवरी 2026 में सरकार ने इसकी राशि बढ़ाकर ₹3,200 प्रति माह कर दी है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि हरियाणा विकलांगता पेंशन योजना क्या है, कौन पात्र है, और 2026 में आवेदन कैसे करें।

योजना का एक नज़र में

ब्यौराजानकारी
योजना का नामहरियाणा विकलांगता पेंशन योजना / दिव्यांग पेंशन योजना
विभागसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा
लाभार्थीहरियाणा के स्थायी निवासी दिव्यांगजन
न्यूनतम आयु18 वर्ष
न्यूनतम दिव्यांगता60% (सिविल सर्जन से प्रमाणित)
वर्तमान पेंशन राशि₹3,000 प्रति माह (जल्द ₹3,200 होने की उम्मीद)
आय सीमा₹3,00,000 वार्षिक से अधिक न हो
आवेदन मोडऑनलाइन (पोर्टल) + ऑफलाइन (CSC/सामाजिक कल्याण कार्यालय)
आधिकारिक वेबसाइटpension.socialjusticehry.gov.in

हरियाणा विकलांगता पेंशन योजना क्या है? (What Is Haryana Viklang Pension Yojana?)

यह हरियाणा सरकार की एक राज्य पेंशन स्कीम है जिसे 1981-82 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य उन दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता देना है जो अपनी आजीविका खुद नहीं कमा सकते। शुरुआत में पेंशन मात्र ₹50 प्रति माह थी, लेकिन 2025-26 तक यह ₹3,000 (लगभग ₹3,200) तक पहुँच चुकी है। इस योजना को Divyang Pension Scheme Haryana के नाम से भी जाना जाता है और यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित है।

हरियाणा विकलांगता पेंशन योजना की प्रमुख विशेषताएँ

विशेषताडिटेल
लॉन्च वर्ष1981-82
संचालन विभागसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशालय
पेंशन राशि (2025-26)₹3,000 प्रति माह
लाभार्थी संख्या2.08 लाख + 32,000 नए (10 नई श्रेणियाँ जुड़ने के बाद)
अन्य लाभसरकारी योजनाओं में प्राथमिकता, निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ
हेल्पलाइन1800-180-2069 (टोल फ्री) / 0172-2571176

पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज़ (Eligibility & Required Documents)

पात्रता की शर्तें (Eligibility Criteria)

  1. हरियाणा का स्थायी निवासी – आवेदक को हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और कम से कम 3 वर्ष से राज्य में रह रहा हो।
  2. न्यूनतम 60% दिव्यांगता – सरकारी मेडिकल बोर्ड / सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
  3. आयु 18 वर्ष या अधिक – आवेदक की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
  4. वार्षिक आय सीमा – सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹3,00,000 से अधिक न हो (पहले BPL मानदंड था)।
  5. केवल एक पेंशन – आवेदक पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं ले रहा हो।

ज़रूरी दस्तावेज़ों की लिस्ट

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Application Process)

2025-26 में प्रक्रिया पहले से आसान हो गई है। ‘परिवार पहचान पत्र’ में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अपडेट होने पर चंद मिनटों में काम बन जाता है।

A. ऑनलाइन आवेदन – स्टेप बाय स्टेप

  1. पोर्टल खोलें – pension.socialjusticehry.gov.in पर जाएँ।
  2. लॉगिन / रजिस्ट्रेशन – परिवार पहचान पत्र (PPP) ID और आधार नंबर से लॉगिन करें।
  3. योजना चुनें – “दिव्यांग पेंशन / विकलांगता पेंशन” सेलेक्ट करें।
  4. डिटेल भरें – व्यक्तिगत जानकारी, दिव्यांगता का प्रतिशत, बैंक खाता नंबर आदि।
  5. दस्तावेज़ अपलोड – ज़रूरी दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें।
  6. सबमिट करें – फॉर्म जमा कर आवेदन संख्या (Application ID) नोट कर लें।

B. ऑफलाइन आवेदन

स्टेटस कैसे चेक करें? (Application Status & Verification)

नवीनतम अपडेट – 2025 और 2026 के बड़े बदलाव (Latest News)

1. पेंशन राशि में बढ़ोतरी (फरवरी 2026): हरियाणा सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की दरें बढ़ा दी हैं। अब दिव्यांग पेंशन ₹3,200 प्रति माह कर दी गई है (1 नवंबर 2025 से प्रभावी)।

2. 10 नई दिव्यांगता श्रेणियाँ जुड़ीं (जनवरी 2025): पहले केवल 11 श्रेणियों को पेंशन मिलती थी। अब 10 नई श्रेणियाँ – सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, पार्किंसंस, ऑटिज्म, सिकल सेल आदि – जोड़ी गई हैं। इससे लगभग 32,000 नए दिव्यांग लाभार्थी जुड़ेंगे। यह परिवर्तन ‘हरियाणा दिव्यांग पेंशन नियम, 2025’ के तहत किया गया है।

3. 21 गंभीर बीमारियों को पेंशन दायरे में लाने का फैसला (दिसंबर 2025): हरियाणा सरकार ने 21 गंभीर बीमारियों – जैसे कुष्ठ रोग, मस्तिष्क पक्षाघात, बौनापन, कम दृष्टि, श्रवण दोष, मानसिक बीमारी – को दिव्यांग पेंशन के दायरे में शामिल किया है।

4. हीमोफीलिया-थैलेसीमिया मरीजों के लिए आयु सीमा समाप्त: अब हीमोफीलिया और थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को पेंशन के लिए 18 वर्ष की आयु पूरी करने की बाध्यता नहीं है, और यह सहायता किसी अन्य सामाजिक पेंशन के अतिरिक्त भी मिलेगी।

5. मुख्यमंत्री द्वारा सीधा भुगतान: मई 2025 में मुख्यमंत्री ने एक क्लिक पर 24,695 नए लाभार्थियों के खाते में ₹7.48 करोड़ की पेंशन राशि जारी की। राज्य में अब कुल पेंशन लाभार्थी 35 लाख से अधिक हो गए हैं।

मुख्य बिंदु – एक नज़र में (Highlights at a Glance)

हरियाणा विकलांगता पेंशन योजना क्यों ज़रूरी है?

यह केवल आर्थिक सहायता का साधन नहीं है; यह दिव्यांगजनों के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता का रास्ता है। पिछले पाँच वर्षों में लाभार्थियों की संख्या लगभग 35 लाख पार कर चुकी है जो दर्शाता है कि हरियाणा विकलांगता पेंशन योजना का सामाजिक प्रभाव कितना व्यापक है। सरकार की कोशिश है कि 2026 के अंत तक हर पात्र दिव्यांग तक यह सहायता पहुँचाई जाए। साथ ही ‘दिव्यांग पेंशन योजना हरियाणा’ के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया को आधार बेस्ड और ऑनलाइन कर दिया गया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति कार्यालयों के चक्कर काटने से बचे।

आगे का रास्ता – 2026 और उसके बाद

हरियाणा सरकार ‘दिव्यांग पेंशन नियम, 2025’ के तहत प्रक्रिया को और सरल बनाने पर काम कर रही है। सभी 21 दिव्यांगता श्रेणियों को कवर करने का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है। आने वाले महीनों में पेंशन राशि में और वृद्धि की संभावना है, साथ ही सभी जिलों में हेल्प डेस्क खोलने की योजना है।

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इस गाइड में हमने विस्तार से जाना कि हरियाणा विकलांगता पेंशन योजना क्या है, किन नई बीमारियों को इसमें शामिल किया गया है, और ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया क्या है। सरकार लगातार इस योजना का दायरा बढ़ा रही है और पेंशन राशि में भी बढ़ोतरी कर रही है।

क्या आपने इस योजना का लाभ उठाया है? आवेदन के दौरान कोई परेशानी आई? नीचे कमेंट में अपना अनुभव ज़रूर साझा करें। आपका एक अनुभव किसी ज़रूरतमंद की मदद कर सकता है।

 अगर यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे शेयर करें और आधिकारिक पोर्टल pension.socialjusticehry.gov.in पर जाकर आज ही आवेदन करें।

सहायता एवं संपर्क (Helpline & Support)

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